ayushmannk: RT Hindi_Kavitaa: सहनशीलता, क्षमा, दया को तभी पूजता जग है बल का दर्प चमकता उसके पीछे जब जगमग है। -रामधारी सिंह 'दिनकर' chaiyya…
ayushmannk: RT Hindi_Kavitaa: सहनशीलता, क्षमा, दया को
— India News (@IndiaNews17) May 29, 2017
तभी पूजता जग है
बल का दर्प चमकता उसके
पीछे जब जगमग है।
-रामधारी सिंह 'दिनकर' chaiyya…
से Twitter https://twitter.com/IndiaNews17 ayushmannk: RT Hindi_Kavitaa: सहनशीलता, क्षमा, दया को तभी पूजता जग है बल का दर्प चमकता उसके पीछे जब जगमग है। -रामधारी सिंह 'दिनकर' chaiyya… धन्यवाद IndiaNews17 इन खबरों को पोस्ट करने के लिए, हम निश्चित रूप से और अधिक के लिए आपका अनुसरण करेंगे।.
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